2021
" कुछ तेरे बारे "
बहुत सुलझा सा हूँ मैं ,
तू हँस कर बात करे अगर ,
अपना दिल बार दूँ मैं तूझ पर ,
बहुत उखड़ा सा रहता हूँ मैं खुद से ,
क्योंकि खुद की ही चुप्पी नहीं भाती मुझे।
सुनाने को बहुत किस्से हैं मेरे पास।,
तू कभी फ़ुरसत से मिल तो सही ,
कभी बिन बताये आना तुम ,
तुम्हारा बेसब्री से इंतज़ार करता हूँ मैं।
बारिश की बूंदे हो ,
ठंडी हवाएं चेहरे को छूती हुई जाएं ,
चाय की वो चुस्की और हाथ में क़िताब लिए तेरा इंतज़ार है मुझे ,
दो लब्ज पढ़कर तेरे ख्यालों में खो जाता हूँ।
तेरी यादों के किस्से याद करके ही ,
खुश होता रहता हूँ मैं ,
तू ना होता तो ना जाने किस भीड़ में खोया होता मैं ,
और साथ होता है तो तेरी आँखों में खोया सा रहता हूँ मैं।
भावना
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