Poetry

      काफ़ी लोग 

कितना समय गुजर गया ,
कितने सालों साल बीत गए ,
कितने ही मौसम बदलते देखे ,
कितने ही लोगों से मिला हूँ मैं। 

कुछ समय भूलता नहीं ,
कई पल आज भी यादों में हैं ,
वो मौसम की महक आज भी इन साँसों में है ,
कुछ लोग भा गए मुझे ,
कुछ लोग भुला गए युहि । 

वो गलियाँ आज भी भूलती नहीं ,
जिनमें कभी रोज आना जाना था ,
काफी लोगों से मिला हूँ मैं ,
कुछ लोग भा गए मुझे ,
तो कुछ लोग भुला गए युहि। 
             भावना 

Comments

Popular Posts