Poetry
लब्ज़
कुछ बातें मुझे ख़ुशी नहीं देती ,
उनमें मैं ख़ुशी ढूंढ़ती हूँ ,
मैं यह नहीं कहूँगी कि ,
मेरी याददाश कमज़ोर है ,
क्योंकि हर बात मुझे याद रहती है।
कुछ सपनों के बारे में ,
केवल सोचती हूँ तो ,
कई सपने जी लिए हैं मैंने।
मन ख़ुश या उदास होता है कभी तो ,
कुछ लब्ज़ कागज़ पर लिख देती हूँ मैं।
मेरे इन लब्जों की गहराई को ,
जिस दिन समझने लगे तुम भी ,
समझ जाना कुछ अलग से ,
दौर से गुजर रहे हो तुम।
भावना
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