दोस्ती 

लगता है काफी दूर आ चुका हूँ मैं ,
वो दोस्ती बहूत पीछे छूट गयी  है मुझसे ,
वो दोस्त उसी स्कूल में रह गए ,
वो दोस्तों की मस्ती उसी कॉलेज में रह गई। 

जब जब याद करता हूँ मैं ,
दिल भर सा जाता है मेरा ,
काश आज भी हम साथ होते ,
वही बातें होती , वही बेफ़िक्री सी होती। 

न जाने कब छूट गए वो दोस्त ,
वक़्त का पता भी न चला ,
हाँ , अगर पता होता ,
तो उस वक्त को शायद रोक लेता ,
मगर अब लगता है काफी दूर आ चूका हूँ मैं ,
वो दोस्ती जो पीछे छूट गयी है मुझसे। 
       भावना 

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