वो बचपन
मुझे आज भी वो बचपन के किस्से ,
बहुत याद आते हैं कभी कभी।
वो नानी का घर, वो गॉंव के बच्चे ,
वो घर के पास वाला स्कूल ,
बस इनमें फिर बापिस जाने का ,
मन सा करता है।
वो दोस्तों के साथ कंचे खेलना ,
वो हर दिन खेतों में घूमना ,
वो कभी कभी स्कूल न जाने के बहाने लगाना।
वो बारिश के मौसम में कहीं पेड़ के नीचे अटक जाना ,
बहुत याद आता है कभी कभी।
वो मम्मी का जबरदस्ती खाना खिलाना ,
वो पापा का लंबी छुट्टी के बाद घर आना ,
वो दादा अम्मा के किस्से सुनाना ,
ज्यादा दोस्त नहीं थे मेरे ,
लेकिन जो भी थे वो दुनिया थे मेरी।,
काश कोई लौटा देता उन यादों में ,
बहुत याद आता है कभी कभी।
भावना
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