16/Jul/2020
तेरा हाल
कुछ अनकही सी बातें थी वो
जो मुझे करनी थी तुमसे ,
कुछ तुम्हारा हाल जानना था
कुछ अपनी कहानी बतानी थी तुम्हें।
वैसे तो तुम्हारी चुप्पी बहुत कुछ कहती है ,
लेकिन फिर भी तेरी आवाज़ सुननी थी मुझे ,
चलो आज सुना ही दो।
तुम कहो तो समय भी रोक लूँ मैं ,
दो पल बैठ कर किस्से तो सुनाओ ,
सच कहती हूँ ,
उन किस्सों को सुनकर ,
मुस्कुराऊँगी जरूर मैं।
तुम कहो तो एक शाम उधार ले लूँ,
कभी फुरसत में आओ तो सही ,
आँख बंद करके महसूस करेंगे साथ ,
हवा के साथ आती कई, बारिश की बूंदो को।
चाय की प्याली के साथ
अपना दिल खोलना तुम भी ,
सच कहती हूँ ,
उन पलों को हमेशा याद जरूर करूंगी मैं।
भावना
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