11/Jul/2020

        मेरा क़िरदार 

     हर बार यही सोचती हूँ ,
     जो हूँ वो क्यों हूँ मैं। 
     लेकिन अपने क़िरदार से बहुत खुश हूँ मैं ,
     क्योंकि बहुत कुछ सिखाया है इसने। 

      गलतियाँ भी हुई हैं मुझसे ,
     काफ़ी दिल भी दुखाये हैं। 
     लेकिन अपने किरदार से बहुत खुश हूँ मैं 
     क्योंकि माफ़ी भी दिलाई है इसने। 

     कभी थक जाती हूँ मैं 
    तो कभी जी भर कर रो लेती हूँ। 
    लेकिन  सच में अपने किरदार से बहुत खुश हूँ मैं ,
    क्योकि आखिर में आशाएं भी दिखाई हैं इसने। 

   सोचती हूँ सभी को खुश करू 
    लेकिन कभी कभी खुद दुःखी हो जाती हूँ। 
    सबका सहारा बनना चाहती हूँ ,
   मगर कभी कभी खुद अकेली पड़ जाती हूँ। 
   लेकिन यक़ीन मानों ,
   अपने क़िरदार से बहुत खुश हूँ मैं ,
   क्योकि अंत में हमेशा राह दिखाई है इसने। 
                भावना 
    

Comments

Popular Posts