Bhavna's Poetry

                                                 तेरा इंतज़ार ↲

ढूंढा  करता  हूँ  मैं  तूझे  हर  शख्श  मैं ,
यूं  ही  तो  नहीं  मैं  सबको  आजमाया  करता  हूँ ,
कहीं  तो  मिलेगा  तू ,
इसी  उम्मीद  में  मैं  तड़फता  सा  रहता  हूँ 

सच  कहूँ  तो  तेरा  आना ,
कड़कती  धूप  में  बारिश  के  आने  जैसा  होगा ,
सुकून  तो  बहुत मिलेगा ,
उस  बारिश  की  तरह  ही  कहीं  तो  मिलेगा  तू 
बस  इसी  उम्मीद  में  मैं  बंजर   जमीन  सा  रहता  हूँ 

इन  हवाओं  से तेरा ज़िक्र  तो  हमेशा  करता  हूँ  मैं ,
तू  भी  मेरे  बारे  में  कभी सोचता तो होगा ,
बस इसी उम्मीद में मैं ,
जीता सा रहता हूँ

मिलेगा  जब तू यह हवाएं भी महकेंगी ,
और बारिश की बूंदे भी झूमेंगी ,
बस मुझे बेसब्री से इंतज़ार है तेरा
तेरे आने से मैं पूरा सा हो जाऊंगा ,
बस इसी उम्मीद में मैं तड़फता सा रहता हूँ ,
                                                                                                              भावना

Comments

Popular Posts