Bhavna's Poetry
तेरा इंतज़ार ↲
ढूंढा करता हूँ मैं तूझे हर शख्श मैं ,
यूं ही तो नहीं मैं सबको आजमाया करता हूँ ,
कहीं तो मिलेगा तू ,
इसी उम्मीद में मैं तड़फता सा रहता हूँ
सच कहूँ तो तेरा आना ,
कड़कती धूप में बारिश के आने जैसा होगा ,
सुकून तो बहुत मिलेगा ,
उस बारिश की तरह ही कहीं तो मिलेगा तू
बस इसी उम्मीद में मैं बंजर जमीन सा रहता हूँ
इन हवाओं से तेरा ज़िक्र तो हमेशा करता हूँ मैं ,
तू भी मेरे बारे में कभी सोचता तो होगा ,
बस इसी उम्मीद में मैं ,
जीता सा रहता हूँ
मिलेगा जब तू यह हवाएं भी महकेंगी ,
और बारिश की बूंदे भी झूमेंगी ,
बस मुझे बेसब्री से इंतज़ार है तेरा
तेरे आने से मैं पूरा सा हो जाऊंगा ,
बस इसी उम्मीद में मैं तड़फता सा रहता हूँ ,
भावना
ढूंढा करता हूँ मैं तूझे हर शख्श मैं ,
यूं ही तो नहीं मैं सबको आजमाया करता हूँ ,
कहीं तो मिलेगा तू ,
इसी उम्मीद में मैं तड़फता सा रहता हूँ
सच कहूँ तो तेरा आना ,
कड़कती धूप में बारिश के आने जैसा होगा ,
सुकून तो बहुत मिलेगा ,
उस बारिश की तरह ही कहीं तो मिलेगा तू
बस इसी उम्मीद में मैं बंजर जमीन सा रहता हूँ
इन हवाओं से तेरा ज़िक्र तो हमेशा करता हूँ मैं ,
तू भी मेरे बारे में कभी सोचता तो होगा ,
बस इसी उम्मीद में मैं ,
जीता सा रहता हूँ
मिलेगा जब तू यह हवाएं भी महकेंगी ,
और बारिश की बूंदे भी झूमेंगी ,
बस मुझे बेसब्री से इंतज़ार है तेरा
तेरे आने से मैं पूरा सा हो जाऊंगा ,
बस इसी उम्मीद में मैं तड़फता सा रहता हूँ ,
भावना
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